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यूरेका कॉम्पिटिटिव स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से बच्चे ने लगाई फांसी

रिपोर्ट:मोहित पंडित टुडे बिहार न्यूज पूर्णियां

 

पूर्णिया /स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से एक छात्र की जान फिर जाते जाते बचा। हालांकि अभी भी वह बचेगा या नही यह कहा नही जा सकता। स्थानीय लाइन बाजार स्थित यूरेका कॉम्पिटिटिव स्कूल के 12 वर्षीय छात्र को गंभीर अवस्था मेंसदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्कूल के हॉस्टल में रहने वाले छात्र का नाम नईम है और वह खगड़िया का रहने वाला है। स्कूल प्रबंधक मुबारकउद्दीन ने बताया कि उक्त छात्र दस दिनों पहले उनके हॉस्टल में आया था और सोमवार दोपहर करीब 03:00 बजे उसने गले में गमछा लगाकर फांसी लगा ली। जब इसकी सूचना उन्हें मिली तो उक्त छात्र को गंभीर अवस्था में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि स्कूल प्रबंधक ने फांसी लगाए जाने के कारणों कीजानकारी नहीं दी। बता दें कि करीब दस दिनों पहले ही खगड़िया से यहां आकर पढ़ाई करने के लिए नईम हॉस्टल में दाखिला लिया था। वहीं इस संबंध में सदर अस्पताल के डॉ एनके झा ने बताया कि छात्र की हालत नाजुक व चिंताजनक बनी हुई है। इसलिए बेहतर इलाज के लिए बच्चे को होप अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।

बड़ा सवाल यह है कि आखिर दस दिनों पहले ही हॉस्टल में पढ़ने के लिए आए छात्र किस परिस्थिति में फांसी लगाई?

क्या छात्र डिप्रेशन में था लेकिन जानकारों की माने तो इतनी कम उम्र में बच्चे डिप्रेशन में नहीं के बराबर आते हैं। आखिर कैसे हालात बने कि उक्त बच्चे ने फांसी लगा ली।मालूम हो की जिले में लगातार स्कूलों में बच्चो की मौत हो रही है। स्कूल संचालक पैसे की हवस में बच्चो की जिंदगी दाव पर लगा रहे है। स्कूलों में नसीसीटीवी कैमरे है न प्रयाप्त मात्रा में वार्डेन। यही वजह है कि स्कूलोंमें इस तरह की घटना घट रही है।

क्या कहते हैं पदाधिकारी

दोषी पर होगी कार्रवाई :यूरेका कॉम्पिटिटिव स्कूल में बच्चे द्वारा फांसी लगाए जाने के संबंध में कोई सूचना नहीं है। थानाध्यक्ष से बात कर मामले की जांच कराई जाएगी और जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।: राजकुमार साह, एसडीपीओ, सदर पूर्णिया।

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