Breaking
तेजप्रताप यादव बोले- हमेशा हमारे टच में रहते हैं ‘शत्रुघ्न अंकल’, पार्टी में आएं तो स्वागतबेटी के बाद CM केजरीवाल को जान से मारने की धमकीदो बदमाश ने डांसरों से की मारपीट गाली-गलौज, घर में लगाई आग, 14 पर हुआ एफ आई आर दर्जअयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण को लेकर जगदीशपुर के हिंदू युवाओं ने किया हवन पूजनछिनतई का विरोध करने पर अपराधियों ने फौजी सहित दो को मारी गोली, दोनों पटना रेफरफ़िल्म व कविता लेखन की कार्यशाला में बने फिल्मों का हुआ प्रदर्शनDLED प्रशिक्षु शिक्षकों का दो वर्षीय प्रशिक्षण का समापन सह सम्मान समारोहमोतिहारी में मुखिया के घर डबल मर्डर से इलाके में सनसनी, जांच में जुटी पुलिसहाथ जोड़कर जान की भीख मांगता रहा DSP, भीड़ ने पीट-पीटकर किया अधमराफ़िल्म मेकिंग व कविता की कार्यशाला का दूसरा दिन भी बनी 25 फिल्में ,कल होंगी प्रदर्शित कार्यशाला में निर्मित फिल्में

कर्नाटक चुनाव : वही सीटें, वही चेहरा, BJP ने दोहरा दिया 10 साल पुराना इतिहास

नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी एक बार फिर कमल खिलाने में कामयाब रही है. कर्नाटक की सत्ता में बीजेपी ने पांच साल के बाद वापसी की है. लेकिन पार्टी को चुनावी नतीजे दस साल पहले जैसे ही रहे हैं. इतना ही नहीं बीजेपी की जीत के नायक भी वही बीएस येदियुरप्पा हैं. बीजेपी ने कर्नाटक की जंग फतह कर ली है. 222 विधानसभा सीटों में 108 से 113 पर बीजेपी जीतती हुई नजर आ रही है. कांग्रेस करीब 72 से 75 सीटों पर जीतती हुई नजर आ रही है, वहीं जेडीएस करीब 40 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.

राज्य में बीजेपी का कमल खिलाने का जिम्मा बीएस येदियुरप्पा को सौंपा गया था. पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया फिर मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया. सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के खिलाफ येदियुरप्पा ने परिवर्तन यात्रा अभियान चलाया. इसके अलावा किसानों के घर-घर जाकर उन्हें आश्वासन दिया कि बीजेपी की सरकार आई तो उनके हित में कदम उठाए जाएंगे.येदियुरप्पा की मेहनत रंग लाई और पार्टी भारी जीत के साथ सत्ता में वापसी करती दिख रही है. जबकि सिद्धारमैया ने अपनी सत्ता को बरकरार रखने के लिए लिंगायतों को अलग धर्म का दर्जा देने और अलग झंडे का प्रस्ताव पास किया. इसके बावजूद उन्हें चुनाव हार का सामना करना पड़ा है.बता दें कि 2008 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पहली बार कमल खिलाया था. बीजेपी को उस समय 224 सीटों में से 110 सीटों पर जीत मिली थी. कांग्रेस को 80 और जेडीएस को 28 सीटें मिली थी. दक्षिण भारत में कर्नाटक पहला राज्य था, जहां बीजेपी की सरकार बनी थी. इस जीत का श्रेय बीएस येदियुरप्पा को दिया गया था. वे मुख्यमंत्री बने. लेकिन पांच साल बाद 2013 में विधानसभा चुनाव हुए तो बीजेपी के लिए वही येदियुरप्पा खलनायक बन गए थे. अब येदियुरप्पा फिर एक बार पांच साल के बाद 2018 में कर्नाटक में बीजेपी की जीत का आधार बने हैं.

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Show Buttons
Hide Buttons