Breaking
सासाराम में बंद मकान में लाखों की चोरी , घर बंद कर गृह स्वामी गए थे विवाह समारोह मेंपानी की समस्या को लेकर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह ने पी एच ई डी विभाग का किया औचक निरीक्षण अनुपस्थिति कर्मी का वेतन पर रोकरोटरी लीडरशिप इंस्टिट्यूट का दो दिवसीय कार्य शाला का उद्घाटनजिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से की मीडिया ब्रीफिंगपूर्वी चंपारण के हराज गांव के युवक की शिवहर के कुशहर दुर्गा मंदिर में हो गई है मृत्युPurva Express Derail: बिहार के यात्रियों ने बताया-दो भागों में बंट गई ट्रेन, भयावह था मंहावड़ा दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस का 12 डिब्बे पटरी से उतरे, बीस घायलअपराधियों ने जदयू प्रदेश सचिव के भाई के घर चार लाख की डकैती , नालंदा पुलिस जाँच में जुटीपतेज प्रताप यादव ने रीगा में सतु घोलते हुए कहा सतु की तरह बीजेपी और जदयू को घोल कर पी जायेंगेशिवहर के पुरनहिया में तेज प्रताप यादव ने कहा , शिवहर का राजद प्रत्याशी भाजपा का एजेंट है , लालू राबड़ी मोर्चा का सिपाही और जनता से जुड़े हैं अंगेश , जिनको जिताने के लिए शिवहर के लोगों से कर रहे हैं जनसंपर्क

समाज सुधारक और राजनीतिज्ञ भीमराव अंबेडकर की 128 वी जयंती पर दुगोला चैता का आयोजन

http://www.Youtube.com/todaybiharnews

रिपोर्ट तारकेश्वर प्रसाद 

आरा।समाज सुधारक और राजनीतिज्ञ भीमराव अंबेडकर की 128 वी जयंती पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बड़की सनदिया गांव में दुगोला चैता का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता सनदिया पंचायत के मुखिया राजेश्वर पासवान ने की। सर्वप्रथम डॉ भीमराव आंबेडकर की तैल चित्र पर पुष्पांजलि कर लोगों ने श्रद्धांजलि दी। चैता गायन का दोनों टीम स्थानीय था एक रामापुर सनदिया तो दूसरी बड़की सनदिया के बीच मुकाबला रात भर चलता रहा। सनदिया पंचायत के लोगों में उत्साह साफ झलक रहा था। वहीं अतिथि गण में मुफसिल थाना अध्यक्ष रविन्द्र राम व उनकी पत्नी सालोनी व पासवान महासंघ के अध्यक्ष बनारसी प्रसाद आजाद, सनदिया मुखिया हरेन्द्र प्रसाद यादव सहित कई गणमान्य लोग इस आयोजन में उपस्थित है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजेश्वर पासवान ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री और भारतीय संविधान के प्रमुख वास्तुकार थे. उन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और दलितों के खिलाफ सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया. श्रमिकों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया. वही उन्होंने कहा कि देश के संविधान को आकार देने वाले अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल साल 1891 में हुआ था. बाबा साहेब को भारतीय संविधान का आधारस्तंभ माना जाता है. उन्होंने हिंदू धर्म में व्याप्त छूआछूत, दलितों, महिलाओं और मजदूरों से भेदभाव जैसी कुरीति के खिलाफ आवाज बुलंद की और इस लड़ाई को धार दी. वे महार जाति से ताल्लुक रखते थे, जिसे हिंदू धर्म में अछूत माना जाता था. उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने की वजह से उन्हें कई मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा था.आर्थिक मुश्किलों के साथ ही उन्हें हिंदू धर्म की कुरीतियों को सामना भी करना पड़ा और उन्होंने इन कुरीतियों को दूर करने के लिए हमेशा प्रयास किए. उसके बाद अक्टूबर, 1956 में उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया जिसके कारण उनके साथ लाखों दलितों ने भी बौद्ध धर्म को अपना लिया. उनका मानना था कि मानव प्रजाति का लक्ष्य अपनी सोच में सतत सुधार लाना है. और लाकर उन्होंने दिखा दिया। जिससे उनके बताए गए रास्ते पर हम और हमारा समाज चल रहा है और आगे भी उनके ही बताए गए रास्ते पर हमारा समाज चलता रहेगा क्योंकि वह हमेशा समाज के हित में कहते और संविधान भी समाज सुधार के लिए ही लिखा था। जो भुलाया नहीं जा सकता है। वहीं पासवान सन्ध के अध्यक्ष बनारसी प्रसाद आजाद ने कहा कि भीमराव अंबेडकर दलितों के लिए मसीहा थे दलितों के प्रति उन्होंने बहुत कुछ छोड़ कर गए अगर उनके बताए गए मार्गों पर हमारा समाज चल पड़ा तो जिंदगी संवर जाएगा। और गरीबी और जात पात की दूरी कम हो जाएगी।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Show Buttons
Hide Buttons