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समाहरणालय के मुख्य गेट बंद को देख भड़के अधिवक्ता, बिना डीएम को ज्ञापन सौंपे बैरंग लौट गए अधिवक्ता, सभी अधिवक्ता एक साथ अंदर जाने की मांग पर थे अंडे,

शिवहर—लाल बाबू पांडे–समहरणालय का मुख्य गेट पर ताला लगा देख प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा है कि हम कोई चोर उचक्के नहीं जो हमारे देखते ही गेट बंद कर दिया जाय, शीघ्र गेट खोलें और डीएम को समहरणालय के मुख्य गेट पर ही बुलाने की मांग पर अड़ गए। तथा डीएम विरोधी नारे लगाने लगे।

अपने कई मांगों को लेकर जिला बार एसोसिएशन संघ के अध्यक्ष अधिवक्ता सतीश नंदन सिंह, सचिव शिशिर सिंह के नेतृत्व में शिवहर जिला के अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए एक ज्ञापन डीएम अरशद अजीज को देने पहुंचे समहरणालय।

सोमवार को दोपहर काले कोट से पट गया कलेक्ट्रेट परिसर, होने लगी नारेबाजी, अधिवक्ताओं के द्वारा डीएम मुर्दाबाद जैसी मांग उठने लगी।

इस बाबत अधिवक्ता संघ के सचिव शिशिर सिंह ने बताया है कि पूर्व से आयोजित कार्यक्रम था जिसमें अधिवक्ताओं के द्वारा प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौपना था जिसके लिए डीएम से अनुमति भी ले ली गई थी

आज जैसी ही दोपहर अधिवक्ताओं की टीम प्रदर्शन करते हुए डीएम से मिलने तथा ज्ञापन सौंपने जा रहे थे कि समहरणालय का मुख्य गेट को बंद कर दिया गया जिसे देख कर अधिवक्ताओं में गुस्सा फूट आया कि हम कोई चोर उचक्के नहीं जो हमें देख गेट बंद कर दिया जाय।

उन्होंने बताया कि हमारी मांगे हैं कि कोर्ट परिसर में सीसीटीवी फुटेज लगाया जाए ,महिला अधिवक्ता एवं पुरुष अधिवक्ताओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाया जाए सबसे महत्वपूर्ण भारत सरकार के बजट में अलग 5000 कडोड रुपैया अधिवक्ताओं के लिए आवंटन किया जाए, जो हर प्रदेश के बार काउंसिल की निगरानी में खर्च किया जा सके।

उन्होंने बताया है कि दुर्घटना एवं असामयिक मृत्यु पर 50 लाख का आर्थिक मदद दी जाए ,सस्ती दरों पर आवास निर्माण के लिए 25 लाख का कर्ज दिया जाए, उच्च न्यायालय में राष्ट्रभाषा में कार्य करने की अनुमति दी जाए ,पुस्तकालय इंटरनेट दिया जाए। विधि व्यवस्था कानून में संशोधन कर उसके संचालन का योग अधिवक्ताओं की छूट दी जाए सहित कई मांगे रखी गई है।

अधिवक्ता संघ के सचिव शिशिर सिंह ने बताया है कि महज हमें एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपना था जिसे अनुमति ली जा चुकी थी परंतु हमें देख कर समहरणालय का मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया गया जिससे देख अधिवक्ताओं में काफी आक्रोश हो गया।

नारेबाजी को देखकर ओएसडी समझाने पहुंचे परंतु डीएम की मांग पर अड़े रहे ,फिर अपर समाहर्ता शंभू शरण आकर आक्रोशित अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया परंतु वे नहीं माने और बिना ज्ञापन दिए बगैर ही अधिवक्ताओं लौट गए

अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार सिंह, अधिवक्ता राजेश कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, अधिवक्ता रानी गुप्ता, आदि सैकड़ों अधिवक्ता गण मौजूद थे।

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