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‘बंगला-बंगला ना खेले सरकार, हिम्मत है तो भाई का आवास खाली करा लें नीतीश कुमार’

पुलिस के अनुसार, जिलाधिकारी से आदेश मिलने के बाद अधिकरियों की एक टीम पुलिस बल के साथ तेजस्वी के पटना के पांच देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास खाली कराने के लिए बुधवार सुबह पहुंचे. यहां उन्हें आवास के बाहर एक पर्चा चिपकाया हुआ दिखा, जिस पर लिखा है कि बंगला खाली कराने का मामला अदालत में विचाराधीन है.

विपक्षी नेता के आप्त सचिव प्रीतम कुमार द्वारा जारी इस पर्चे में कहा गया है कि इस मामले की सुनवाई अदालत में सूचीबद्घ है. इसके बाद अधिकारी अपने उच्च अधिाकरियों के साथ निर्देश प्राप्त करने की कोशिश ही कर रहे थे कि राजद कार्यकर्ताओं के विरोध का भी सामना करना पड़ा. राजद के कार्यकर्ता बंगला के सामने धरने पर बैठ गए हैं.

धरने पर बैठे राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने इसे अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि विपक्ष के नेता पटना में नहीं हैं. यह मामला भी अदालत में विचाराधीन है. ऐसे में यह कार्रवाई समझ से परे हैं.

इधर, पूर्व मंत्री तेजप्रताप का भी तेजस्वी को साथ मिला है. तेजप्रताप ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार बंगला-बंगला नहीं खेले. उन्होंने कहा कि सरकार की नजर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर नहीं जाती है, लेकिन लालू परिवार को कैसे परेशान किया जाए इसी पर ध्यान केंद्रित है.

गौरतलब है कि तेजस्वी को यह बंगला उपमुख्यमंत्री की हैसियत से आवंटित किया गया था. उपमुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भवन निर्माण विभाग ने बंगला खाली करने को कहा था, जिसे लेकर तेजस्वी ने पटना उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी. जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पिछले माह बंगला खाली करने का आदेश दिया था. तेजस्वी इसके बाद एक बार फिर अदालत पहुंचे हैं. इधर, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि तेजस्वी यादव जल्द ही बंगला खाली कर देंगे. सरकारी चीजें सिर्फ सरकारी ही होती है.
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